किसी को इतना चाहना
कि हर वक़्त केवल उसका चेहरा याद आना
कि हर पल का उसकी सांसों से महकना
कि हर दिन सिर्फ उसकी बातें याद करना
कि हर समय उसकी चेहरे पे मुस्कान ढूँढना
कि हर क्षण उसके कांपते लब थामना
कि हर घड़ी पुतलियों में अपना चेहरा देखना
कि हर वक़्त उसके गालों को अपने लबों से छूना
और झटके से आंख खुलके सच सामने आ बेबस कर जाना...
कि हर वक़्त केवल उसका चेहरा याद आना
कि हर पल का उसकी सांसों से महकना
कि हर दिन सिर्फ उसकी बातें याद करना
कि हर समय उसकी चेहरे पे मुस्कान ढूँढना
कि हर क्षण उसके कांपते लब थामना
कि हर घड़ी पुतलियों में अपना चेहरा देखना
कि हर वक़्त उसके गालों को अपने लबों से छूना
और झटके से आंख खुलके सच सामने आ बेबस कर जाना...
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