कोई प्यार की हद बनाता रह गया,
और कोई बेहद प्यार कर गया ।
कोई सब पाकर भी अधूरा रह गया,
कोई सब पाकर भी अधूरा रह गया,
और कोई सब खोकर भी पूरा हो गया ।
कोई तन्हाई की वजह ढूंढता रह गया,
और कोई तन्हाई में एक जीवन जी गया।
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अलविदा इस रिश्ते की नियति थी शुरुआत से
तो क्यूँ दिल दुखता है दूर जाने की बात से
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