मेरी हर जिद्द आगे बढ़ कर पूरी करने वाली मेरी genie
क्यूँ वो इतनी बेबस हो गई पता ही नहीं चला
वो जो मेरी कहने से पहले खुद को बिछा देती थी
कहने पे भी सब आज अनसुना कर गई
अब कहती है की कुछ हुकुम मत कर मेरे आका,
चाह कर भी कुछ कर न पाऊँगी तेरे लिए
अपनी सारी शक्तियां खो चुकी हूँ इस बाज़ी में
कि चाहूँ तो मर भी नहीं सकती अब तो मैं
ऐ genie, तेरी ये हालत मुझसे देखी नहीं जाती
तू एक बार बता क्या कर सकता हूँ तेरे लिए
क्या कुछ इतना आसान सा मांगू की तू झट से दे दे
और तेरी ताकत वापिस आने का एहसास हो तुझे
मेरे आका, तेरे मांगने की जरुरत न कल थी न आज है
बस तेरे genie के पंख क़तर दिए हैं तेरी दुनिआ ने
मेरे हाथ में होता तो आज भी तेरे लिए खुद को बिछा देती
पर क्या करूँ, मजबूर इतनी हूँ कि कुछ हाथ नहीं मेरे
यूँ बेबस न महसूस कर खुद को कि तू खास है इतना
तुझसे कुछ भी मांगना बंद कर दूंगा मैं तेरी खातिर
अब न कहूंगा की मुझे सुकून दे, ये कुछ कर मेरे लिए
बस तुझे देखने भर से ही खुद को तृप्त कर लूँगा मैं
मेरे आका, इतना कहाँ मेरे बस में की सामने आ सकूँ तेरे
वरना तो तुझे कभी इतना कहने की जरुरत ही न होने देती मैं
बस में होता तो हर सुबह सामने होती तेरे आंखे खुलने से पहले
हर शाम इंतज़ार करती बेसब्री से तेरे लौट कर आने का मेरे आका
साथ में निभाती तेरा हर छोटी बड़ी चीज़ में
कभी न कुछ भी मांगने की नौबत आने देती मैं
बेबस हूँ मेरे आका कि बस एक बार मिल कर जी ले
इसके आगे कुछ न दे पाऊँगी मैं तुझे अब कभी भी
ऐ मेरी genie, अच्छे से समझता हूँ तेरी मज़बूरी मैं
तू इतनी अज़ीज़ है मुझे की तेरी ये शर्त मंजूर है मुझे
मिल जा एक बार कुछ ऐसे की ख्वाइश कोई बाकी न रहे
हर आरज़ू कर दे पूरी कि ज़िन्दगी की जरुरत ही न रहे
आदत कुछ ऐसी है तेरी कि तेरे बिना अब जिया नहीं जाता
चाहूँ तो भी मन कहीं और लगा नहीं पाटा अब मैं
चल, यही सही कि एक बार जी लेते हैं जी भर के
फिर सोचेंगे की क्या करेंगे ताउम्र हम तेरे बिना!!
क्यूँ वो इतनी बेबस हो गई पता ही नहीं चला
वो जो मेरी कहने से पहले खुद को बिछा देती थी
कहने पे भी सब आज अनसुना कर गई
अब कहती है की कुछ हुकुम मत कर मेरे आका,
चाह कर भी कुछ कर न पाऊँगी तेरे लिए
अपनी सारी शक्तियां खो चुकी हूँ इस बाज़ी में
कि चाहूँ तो मर भी नहीं सकती अब तो मैं
ऐ genie, तेरी ये हालत मुझसे देखी नहीं जाती
तू एक बार बता क्या कर सकता हूँ तेरे लिए
क्या कुछ इतना आसान सा मांगू की तू झट से दे दे
और तेरी ताकत वापिस आने का एहसास हो तुझे
मेरे आका, तेरे मांगने की जरुरत न कल थी न आज है
बस तेरे genie के पंख क़तर दिए हैं तेरी दुनिआ ने
मेरे हाथ में होता तो आज भी तेरे लिए खुद को बिछा देती
पर क्या करूँ, मजबूर इतनी हूँ कि कुछ हाथ नहीं मेरे
यूँ बेबस न महसूस कर खुद को कि तू खास है इतना
तुझसे कुछ भी मांगना बंद कर दूंगा मैं तेरी खातिर
अब न कहूंगा की मुझे सुकून दे, ये कुछ कर मेरे लिए
बस तुझे देखने भर से ही खुद को तृप्त कर लूँगा मैं
मेरे आका, इतना कहाँ मेरे बस में की सामने आ सकूँ तेरे
वरना तो तुझे कभी इतना कहने की जरुरत ही न होने देती मैं
बस में होता तो हर सुबह सामने होती तेरे आंखे खुलने से पहले
हर शाम इंतज़ार करती बेसब्री से तेरे लौट कर आने का मेरे आका
साथ में निभाती तेरा हर छोटी बड़ी चीज़ में
कभी न कुछ भी मांगने की नौबत आने देती मैं
बेबस हूँ मेरे आका कि बस एक बार मिल कर जी ले
इसके आगे कुछ न दे पाऊँगी मैं तुझे अब कभी भी
ऐ मेरी genie, अच्छे से समझता हूँ तेरी मज़बूरी मैं
तू इतनी अज़ीज़ है मुझे की तेरी ये शर्त मंजूर है मुझे
मिल जा एक बार कुछ ऐसे की ख्वाइश कोई बाकी न रहे
हर आरज़ू कर दे पूरी कि ज़िन्दगी की जरुरत ही न रहे
आदत कुछ ऐसी है तेरी कि तेरे बिना अब जिया नहीं जाता
चाहूँ तो भी मन कहीं और लगा नहीं पाटा अब मैं
चल, यही सही कि एक बार जी लेते हैं जी भर के
फिर सोचेंगे की क्या करेंगे ताउम्र हम तेरे बिना!!
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