तेरा हर अश्क़ जो तन्हाई में बहाती है तू ऐ मेरी नाज़नीन यूँ लगता है कि कोई अधूरी ख्वाइश थी जो लबों पर आ ना सकी वो तो शुक्र है की इन आँसूओं को कोई रंग नहीं दिया खुदा ने वरना भीगी चादर रात के अधूरेपन की कहानी सबको बता देती जब तेरी आँखों से अश्क़ लुढ़कते हैं उन खूबसूरत गालों पर दिल अटक जाता है कि दूर से सँभालूं कैसे गिरने से उन्हें बस कसक रह जाती है कि गर बस में होता मेरे ऐ हमदम एक भी बूँद तेरे लबों की दहलीज पार ना होने देता मैं इन अँधेरी रातों में यूँ तन्हा आँसू न बहाना मेरी जान, रखना ख्याल जो पास होती तो अपने होठों में भर लेता तेरे मन का सैलाब तेरा हर अश्क़ एक समंदर बन के मेरे सीने को चीर कर रख देता है पास आना चाहूँ तो आ नहीं सकता, दूर जाने कि हस्ती नहीं मेरी बहुत आया तेरे करीब, फिर भी दूरिओं का आलम कुछ ऐसा है कि ना पाने का नसीब दिया खुदा ने, ना तुझे खोने की हिम्मत कर पाया मैं
'Pratibimb' means image. Image of mind, soul and feelings. It is about the world, the wild, the live, the dead. It is about me and you.