तुम्हारी आँखों में अपने अक्स देखा तो यूँ लगा कि शबनम कि बूदों में मेरा चेहरा छिप गया जैसे तुम्हारे लबों पर आई मुस्कान देखा तो यूँ लगा कि सारी कायनात मुझे मयस्सर हो गई है तू मेरे तसव्वुर से कही ज्यादा खूबसूरत है दिल करता है हर अल्फ़ाज़ में तेरी ही खनक हो इतने इखलास से तुम्हे चाहने लगा हूँ कि जी चाहता है हर पल में सिर्फ तेरा ही दीदार हो फितूर इस कदर है तू मेरा की दिल भरता ही नहीं तुझमे फना होना चाहूँ पर तू कहाँ मयस्सर है मुझे कैसे माप सकता हूँ पैमाने से तेरे मेरे इश्क़ को ये इश्क़ बेवजह है कि हमेशा से ख्वाब है तू मेरा हमेशा ख्वाब ही थी तू मेरा, आज भी वही है पर सुकून ही इतना है मिलने में कि रहा नहीं जाता ख्वाइश है कभी वो सेहर हो जिसमे तू साथ हो मेरे तेरे दीदार को तरस कल भी थी, आज भी है।
'Pratibimb' means image. Image of mind, soul and feelings. It is about the world, the wild, the live, the dead. It is about me and you.