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Showing posts from December, 2018

Tumhari Ankhon Me

तुम्हारी आँखों में अपने अक्स देखा तो यूँ लगा कि शबनम कि बूदों में मेरा चेहरा छिप गया जैसे तुम्हारे लबों पर आई मुस्कान देखा तो यूँ लगा कि सारी कायनात मुझे मयस्सर हो गई है तू मेरे तसव्वुर से कही ज्यादा खूबसूरत है दिल करता है हर अल्फ़ाज़ में तेरी ही खनक हो इतने इखलास से तुम्हे चाहने लगा हूँ कि जी चाहता है हर पल में सिर्फ तेरा ही दीदार हो फितूर इस कदर है तू मेरा की दिल भरता ही नहीं तुझमे फना होना चाहूँ पर तू कहाँ मयस्सर है मुझे कैसे माप सकता हूँ पैमाने से तेरे मेरे इश्क़ को ये इश्क़ बेवजह है कि हमेशा से ख्वाब है तू मेरा हमेशा ख्वाब ही थी तू मेरा, आज भी वही है पर सुकून ही इतना है मिलने में कि रहा नहीं जाता ख्वाइश है कभी वो सेहर हो जिसमे तू साथ हो मेरे तेरे दीदार को तरस कल भी थी, आज भी है।