प्यार की तलाश में ये क्या मोड़ ले लिए हमने जिस गली ना जाना था उस गली हम जा बैठे उस महबूबा की तलाश में जाने कहाँ आ गए हम हसरतों के अनगिनत किले जाने कब बना हम बैठे तेरा पैगाम मेरे हमदम ना आना था ना आया फिर क्यूँ उसके इंतज़ार में चिराग हम जला बैठे बस तेरे अक्स के दीदार को तड़पते हैं अब जाने कब तेरे प्यार में खुद को भुला हम बैठे ख्वाइश थी गुलमोहर से एक बार मिलने की पर जाने कब गुलमोहर के ही हम हो बैठे तू ना ही कभी मिलनी थी ना ही मिली हमें फिर क्यूँ अपना वजूद तुझमें मिटा हम बैठे ऐ गुलमोहर, काश कभी तेरे छाँव में सुकून हम पाते पर देख जाने कैसे खुद को तुझपे फ़ना हम कर बैठे
'Pratibimb' means image. Image of mind, soul and feelings. It is about the world, the wild, the live, the dead. It is about me and you.