एक उहापोह सी है मन में.... लगता है ये वक़्त कुछ खास है एक बड़े परिवर्तन की आस है मन कहे अभी भी रोक ले खुद को तू आखिर चाहिए कितना सा जीवन को दिमाग कहे, कोशिश करने में क्या जाता तेरा क्या पता इन हौसलों से ही उड़ान का आरम्भ हो क्या है मेरा जो कोई ले पाएगा मुझसे और क्या किसी ने लिया है जो वापिस दे जाएगा याद कर जब छोटे बच्चे थे बिना प्लान प्रोजेक्ट किआ करते थे असफल - सफल के दबाव से उन्मुक्त थे effort waste तो शब्दकोष में ही ना था अंतर्द्वंद से आगे जीवन में है कई नाजुक धागे इतना समय pillar to post भागे कुछ समय आराम से चल के देखें मन की प्रकृति है विचलित रहना अम्बर में बिना डोर उड़ते जाना एक पल अहसाह कराये ये ही चाहिए दूजे पल कहे वो क्यों न लिया जाये जी कर देखें वो पल आज फिर एक पन्ना मेरे मन का ही सही आज तो मन यही करता है boss एक try तो बनता है !!
'Pratibimb' means image. Image of mind, soul and feelings. It is about the world, the wild, the live, the dead. It is about me and you.